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Showing posts from June, 2022

जब पार्वती ने बनाया भोजन तो शिवजी ने उन्हें बताई ये अनोखी बात...

जब पार्वती ने बनाया भोजन तो शिवजी ने उन्हें बताई ये अनोखी बात... . एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा की प्रभु मैंने पृथ्वी पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही अपने प्रारब्ध से दुःखी है आप उसे और ज्यादा दुःख प्रदान करते हैं और जो सुख में है आप उसे दुःख नहीं देते है। भगवान ने इस बात को समझाने के लिए माता पार्वती को धरती पर चलने के लिए कहा और दोनों ने इंसानी रूप में पति-पत्नी का रूप लिया और एक गावं के पास डेरा जमाया । शाम के समय भगवान ने माता पार्वती से कहा की हम मनुष्य रूप में यहां आए है इसलिए यहां के नियमों का पालन करते हुए हमें यहां भोजन करना होगा। इसलिए मैं भोजन कि सामग्री की व्यवस्था करता हूं, तब तक तुम भोजन बनाओ। . जब भगवान के जाते ही माता पार्वती रसोई में चूल्हे को बनाने के लिए बाहर से ईंटें लेने गईं और गांव में कुछ जर्जर हो चुके मकानों से ईंटें लाकर चूल्हा तैयार कर दिया। चूल्हा तैयार होते ही भगवान वहां पर बिना कुछ लाए ही प्रकट हो गए। माता पार्वती ने उनसे कहा आप तो कुछ लेकर नहीं आए, भोजन कैसे बनेगा। भगवान बोले - पार्वती अब तुम्हें इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। भगवान ने माता पार्वती...

भोजन सम्बन्धी कुछ नियम, क्या आपको पता है ये जानकारी?

#भोजन सम्बन्धी कुछ नियम, क्या आपको पता है ये जानकारी? 1. पांच अंगो (दो हाथ, दो पैर, मुख) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे ! 2. गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है ! 3. प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है ! पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए !  4. मल मूत्र का वेग होने पर , कलह के माहौल में , अधिक शोर में , पीपल , वट वृक्ष के नीचे , भोजन नहीं करना चाहिए ! 5. परोसे हुए भोजन की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए ! 6. खाने से पूर्व अन्न देवता , अन्नपूर्णा माता की स्तुति कर के , उनका धन्यवाद देते हुए , तथा सभी भूखो को भोजन प्राप्त हो ईश्वर से ऐसी पप्रार्थना करके भोजन करना चाहिए ! 7. भोजन बनने वाला स्नान करके ही शुद्ध मन से , मंत्र जप करते हुए ही रसोई में भोजन बनाये और सबसे पहले 3 रोटिया अलग निकाल कर (गाय , कुत्ता , और कौवे हेतु) फिर अग्नि देव का भोग लगा कर ही घर वालो को खिलाये !  8. इर्षा , भय , क्रोध , लोभ , रोग , दीन भाव , द्वेष भाव , के साथ किया हुआ भोजन कभी पचता नहीं है ! 9. आधा खाया हुआ फल , मिठाईया आदि पुनः नहीं खानी चाहिए ! 10. खाना छोड़ कर उठ जाने पर दुबारा भोजन नह...